अन्धविश्वास | Hindi Story PDF | Moral Hindi Story | Best Hindi Story

Hindi Story PDF : मेरा नाम सफिया है बंगाल में औरतें फिजिकल रिलेशनशिप बनाने से पहले अपनी नाभी पर आखिर लहसुन का रस क्यों लगाती थी यह एक बहुत खूबसूरत सुबह थी मैं अपनी चाची के साथ नाश्ता बनाने में बिजी थी मेरी चाची का छोटा भाई अयान मेरे सामने बैठा हुआ था उसकी नजरें मुझ पर जमी हुई थी और यह ऐसी नजरें थी जो मुझे खुश कर रही थी क्योंकि मैं अयान को पसंद करती थी चाची का भाई यहां पर आता जाता रहता था और वह भी मुझे बहुत पसंद करता था

 

 मेरी उम्र 17 साल थी लेकिन मुझे अयान से प्यार हो गया था कम उम्र में ही मुझे उससे मोहब्बत हो गई थी और वह भी मेरे लिए ऐसी ही फीलिंग्लेस मुझे बिल्कुल भी आईडिया नहीं था कि आज का सूरज मेरी जिंदगी में अंधेरा लाने वाला है आज के बाद मेरी जिंदगी पूरी तरह से बदलने वाली है चाची का भाई दो दिन से यहां पर आया हुआ था

 

 

अयान नाश्ता करने के बाद नौकरी के लिए निकल गया था और मैं चाची के साथ घर के कामों में बिजी हो गई थी मेरी मां और मेरे पिता का तो बचपन में ही देहांत हो गया था वह लोग मुझे काफी सालों पहले इस दुनिया से छोड़कर चले गए थे

 और मेरा कोई भाई बहन भी नहीं था मैं अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी चाची मेरी मां की जगह तो नहीं ले सकती थी लेकिन फिर भी उन्होंने मुझे इज्जत की छत दी हुई थी काम करते हुए टाइम मुझे पता ही नहीं चला और दोपहर हो गई थी चाची अपने कमरे में आराम करने के लिए जा चुकी थी और मैं किचन की सफाई करने के लिए किचन में रह गई थी इतनी ही देर में मुझे दरवाजा बजने की आवाज आई मैं जैसे ही दरवाजे पर गई तो दरवाजे पर एक अजीब सा लंबा चौड़ा सा आदमी खड़ा हुआ था

 जिनकी नजरों में ऐसी चुभन ती कि मैंने जल्दी से उसे देखकर अपने कपड़े ठीक किए थे मैं बहुत ही ज्यादा खूबसूरत थी और कभी-कभी यही बात मुझे बहुत ज्यादा परेशान कर दिया करती थी मैं जहां भी जाती थी वहां पर लड़के मुझे गौर गौर से देखते थे इसलिए मैं ज्यादातर घर से बाहर निकलती तो अपने चेहरे को छुपाने की कोशिश करती थी और इस टाइम भी मैं अपनी खूबसूरती को छुपाने की कोशिश करने लगी थी वह आदमी मुझसे चाची के बारे में पूछ रहा था मैंने दरवाजा बंद करना चाहा था ताकि अंदर जाकर चाची को बुला लाऊं लेकिन उस आदमी ने दरवाजे पर हाथ रख दिया

 और कहने लगा कि दरवाजा बंद करने की जरूरत नहीं है मैं तुम्हारे लिए कोई गैर थोड़ी हूं जाओ जाकर अपनी चाची को बुला लाओ उसकी बात मुझे बहुत ही अजीब सी लगी थी मैं पहली बार इस आदमी को यहां पर देख रही थी और वह कह रहा था कि वह मेरे लिए कोई गैर नहीं है मुझे दरवाजा खुला हुआ छोड़कर अंदर जाना बहुत मुश्किल लग रहा था लेकिन मेरी मजबूरी थी इसलिए मैं फौरन अंदर की तरफ भागी और चाची को इस बारे में बताया कि एक आदमी दरवाजे पर खड़ा हुआ है 

उसके लिए के बारे में सुनते ही चाची के चेहरे का रंग बदल गया था वह कहने लगा कि तुम्हें दरवाजे पर आने की जरूरत नहीं है तुम किचन का काम खत्म करो उनकी बात सुनकर मैं किचन में पहुंच गई थी और चाची दरवा द वाजे पर चली गई थी और फिर मुझे चाची की थोड़ी-थोड़ी आवाज सुनाई देने लगी थी व उस आदमी से क्या बात कर रही थी यह तो मुझे समझ नहीं आया था लेकिन कोई ऐसी बात जरूर थी लेकिन कोई ऐसी बात तो जरूर थी जो बहुत ही खामोशी के साथ और चुपके चुपके की जा रही थी

मैं सोच में पड़ गई थी कि चाची इस आदमी से क्या बातें कर रही है और यह आदमी कौन है जो चाची से ही बात करने के लिए यहां पर आया है कुछ ही देर गुजरी थी कि चाची मेरे पास आई और कहने लगी कि इस आदमी के बारे में तुम्हें अपने चाचा या फिर मेरे भाई अयान को इस बारे में कुछ भी बताने की जरूरत नहीं है

 

 

चाची की बात सुनकर मैं हैरान रह गई थी चाचा जी रोज सुबह सवेरे दूसरे शहर में काम करने के लिए जाते थे और रात को ही वह घर वापस आते थे लेकिन वह दिन में कई बार चाची को फोन करके उनसे बात करते थे और मेरे भी हालचाल लेते रहते थे 

 

चाचा चाची की अपनी कोई औलाद नहीं थी इसलिए चाचा मुझे अपनी बेटी समान ही समझते थे चाचा जी मेरी बहुत परवाह करते थे इसीलिए चाची ने मुझे सख्ती से समझा दिया था कि मुझे उन्हें कोई भी बात नहीं बतानी है लेकिन मेरे दिल के अंदर इंटरेस्ट पैदा हो गया था कि यह आदमी कौन है जिनके बारे में चाची सबसे छुपाना चाहती है मुझे तो वह कोई बदमाश आदमी लग रहा था लेकिन मेरी चाची का उससे क्या संबंध था फिलहाल चाची की बात सुनकर मैंने अपनी जुबान पर ताला लगा लिया था और ना ही मैंने इस बारे में अयान से कोई बात कही थी 

 

ना ही चाचा जी से कुछ कहा था मैंने सोच लिया था कि आज नहीं तो कल खुद यह बात सब लोगों को पता चल जाएगी क्योंकि मेरा मानना था कि कोई भी बात ज्यादा दिन तक छुपी नहीं रह सकती और फिर इसी रात अयान मेरे कमरे में आया और कहने लगा कि जल्दी ही मैं अपनी बहन से तुम्हारे और अपने रिश्ते के बारे में बात करूंगा मैं चाहता हूं कि अब जल्दी ही हमारी शादी हो जाए अयान की बात सुनकर मैं हंस दी थी क्योंकि मैं अभी 17 साल की थी और वह 23 साल का हो गया था 

 

और फिर अभी उसकी परमानेंट नौकरी भी नहीं लगी थी वह बस थोड़े बहुत ही पैसे कमाता था फिर वह मुझे कैसे अपने घर में रखता इतनी जल्दी तो हमारी शादी मुमकिन ही नहीं थी मगर अयान का कहना था कि कुछ बातें हैं जिनकी वजह से वह जल्दी ही मुझसे शादी करना चाहता है और वह अपने लिए किसी अच्छी नौकरी की तलाश हर दिन कर रहा है और फिर वह मुझे लेकर नौकरी के लिए दूसरे शहर में भी शिफ्ट हो जाएगा मुझे इस बात पर भला क्या ऐतराज हो सकता था

 

 मैंने उसे कह दिया था कि अगर चाची मानती है तो फिर मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा यह सुनकर रयान को बहुत खुशी हुई थी और उसने खुशी से मेरे हाथों को अपने हाथों में थाम लिया था उसके इस तरह से छूने से मुझे बहुत शर्म आ रही थी वह दिन तो खामोशी से गुजर गया था और कुछ दिन बाद वह आदमी फिर से हमारे घर पर आ गया था वह आदमी आज सीधा दरवाजे से घर के अंदर चला आया था अबकी बार चाची ने उसे अपने कमरे में बैठा दिया था मैं किचन में मौजूद थी 

 

तभी अचानक चाची भी कमरे में आ गई उन्हों उन्होने एक लहसुन उठाया और मुझसे कहने लगी कि तुम्हें मेरे कमरे की तरफ आने की जरूरत नहीं है जब तक कि मैं खुद तुम्हें आवाज ना दूं मैंने बड़ी हैरानी से अपनी चाची के हाथ में लहसुन पकड़ा हुआ देखा था और वह खामोशी से वापस अपने कमरे में चली गई थी और मुझे कमरे का दरवाजा बंद होने की आवाज सुनाई दी थी

 

 

एक घंटा ऐसे ही गुजर गया था और हर तरफ सन्नाटा छाया हुआ था थोड़ी देर बाद मुझे चाची ने आवाज देकर ठंडा पानी लाने के लिए कहा मैं दो गिलास ठंडा पानी ले चाची के कमरे के दरवाजे तक जैसे ही पहुंची तो वह दोनों आपस में कुछ बातें कर रहे 

 

और बातें करते-करते मुझे देखकर तभी खामोश हो गए मेरी नजर खुदबुदा अपनी चाची पर ठहर गई थी क्योंकि उनकी हालत कुछ बदली बदली सी मालूम हो रही थी उनके बाल तो अच्छी तरह से बंधे हुए थे लेकिन अब उनके बाल बिखरे हुए थे और कपड़े भी अजीब हालत में हो रहे थे इससे पहले कि मैं और गौर से चाची का जायजा लेती तो वह आदमी चाची को कहने लगा कि यह तुम्हारी बेटी है यह तो बड़े ही खूबसूरत और जवान है तुम इसकी शादी के बारे में क्यों नहीं सोचती इसके लिए तो तुम्हें आसानी से रिश्ता मिल जाएगा अब तुम्हारी उम्र हो रही है

 

अब इसके बारे में सोचना शुरू कर दो इस आदमी की बात सुनकर मैं शर्म से पानी पानी हो गई थी वह मेरे लिए अनजान आदमी था वह ना सिर्फ मेरी जवानी की तारीफ कर रहा था बल्कि उसने तो मेरी शादी के बारे में भी बात छेड़ दी थी वह पता नहीं कौन था जो इतना खुलकर मेरी चाची से बातें कर रहा था और फिर चाची भी हंसकर उससे कह कहने लगी कि हां अब इसकी शादी ही तो करनी है मुझे यही मेरी जिम्मेदारी है मेरी तो अब उम्र हो रही है लेकिन अब यह जवान हो गई है मैं शर्म की वजह से फौरन वहां से निकलकर वापस आ गई थी

 

 चाची उस अनजान आदमी के सामने जिस तरह से मेरी जवानी के बारे में बातें कर रही थी मुझे इस बात का बहुत बुरा लग रहा था और उन दोनों के बीच फिर से बातों का सिलसिला शुरू हो गया था कुछ देर के बाद वह आदमी वापस गया तो चाची ने मुझे फिर से यही समझाया कि आ को और अपने चाचा जी को इस बारे में कुछ मत बताना लेकिन इत्तेफाक की बात थी कि अचानक उसी समय अयान घर पर आ गया था तबीयत खराब होने की वजह से वह अपने घर जाने के बजाय यहां पर आ गया था

 

 उसने उस आदमी को घर से निकलते हुए देखा तो फौरन मेरे पास चला आया और मुझसे पूछने लगा कि यह आदमी कौन था और यहां पर क्यों आया था मैंने इंकार करते हुए सर हिला दिया और कह दिया कि मुझे कुछ नहीं पता यह आदमी चाची से मिलने के लिए आया था अयान सीधा चाची से मिल के लिए उनके कमरे में चला गया और फिर ना जाने अचानक से ऐसा क्या हुआ कि उन दोनों के चीखने चिल्लाने की जोर-जोर से आवाजें आने लगी चाची अयान को बुरा भला कह रही थी 

 

अयान भी आगे से चाची को बहुत ज्यादा जवाब दे रहा था ना जाने उन दोनों के बीच क्या चल रहा था मुझे इस बारे में तो कुछ पता ही नहीं था लेकिन इतना आईडिया जरूर था कि बात कुछ ज्यादा ही बड़ी है और शायद उस अनजान आदमी से जुड़ी हुई है काफी देर बाद जब अयान चाची के कमरे से बाहर आया तो उसका चेहरा गुस्से से लाल हुआ पड़ा था

 

 

वह सीधे स्टोर रूम में चला गया और जाकर अंदर बंद हो गया उसकी तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए आज वह हमारे घर पर ही रुकने वाला था उसके बाद चाची भी अपने कमरे से बाहर नहीं निकली रात के खाने के टाइम पर जब मैं चाची को बुलाने के लिए गई 

 

तो चाची बहुत ही गुस्से में थी और मुझसे कहने लगी कि जाओ तुम जाकर खाना खा लो और सो जाओ उनका बिहेवियर मेरे साथ बहुत ज्यादा बुरा था पता नहीं अयान ने कौन सा हंगामा खड़ा कर दिया था कि जिस बात का गुस्सा मुझ पर निकल रहा था मैंने चाची से इस बारे में पूछना भी चाहा कि क्या हुआ है तो वह कहने लगी यह सब कुछ तुम्हारी वजह से ही तो हुआ है इसलिए ज्यादा मासूम बनने की जरूरत नहीं है और यहां से दफा हो जाओ मुझे अपनी शक्ल मत दिखाना मैं आंसू बहाती हुई उनके कमरे से निकल आई थी 

और लगातार फूट-फूट कर रो रही थी आज मुझे बड़ी बेचैनी के साथ अपने माता-पिता याद आ रहे थे मैं अपने छोटे से कमरे में बिस्तर पर लेटी तो मेरे दिमाग में बस यही बात आ रही थी कि अयान ने अपनी बहन से ना जाने किस बात पर झगड़ा किया है क्या उस अनजान आदमी की वजह से उसका और चाची का झगड़ा हुआ है स्टोर रूम का दरवाजा तो अंदर से लॉक था वरना मैं उससे जाकर जरूर पूछती अयान जब भी हमारे घर पर आता था तो वो स्टोर रूम में ही ठहरता था क्योंकि हमारा घर छोटा था और सिर्फ दो ही कमरे थे एक में चाचा और चाची रहते थे

 और दूसरे कमरे में मैं रहती थी और एक छोटा सा स्टोर रूम बना हुआ था जहां पर अयान कभी-कभी ठहर जाता था मुझे सुबह होने का इंतजार था सुबह मुझे या तो यह बात चाची से पता चलनी थी या फिर मुझे अयान से ही पूछनी थी लेकिन अगली सुबह उससे भी ज्यादा कुछ अजीब हुआ था जब मैं सोकर उठी तो अयान घर से जा चुका था और चाची भी खामोशी से घर का काम कर रही थी उन्होंने मुझसे कोई बात नहीं की और उनका बिहेवियर देखते हुए मैं भी उनसे कुछ पूछ नहीं सकी सुबह उठते ही मेरा पहला काम सफाई करना था इसलिए मैं सीधा सफाई करने में बिजी हो गई

 और चाची के कमरे की सफाई करने के दौरान मुझे वहां लहसुन का टुकड़ा पड़ा हुआ मिल गया जिसे चाची किचन से लेकर अपने कमरे में गई थी और मैं सोच रही थी कि चाची लहसुन क्यों उठाकर लाई थी आखिर उस अनजान आदमी को इस लहसुन का क्या करना था या फिर चाची ने उस लहसुन का इस्तेमाल किया था क्योंकि वह बहुत ही दबा हुआ लग रहा था उसे खाया नहीं गया था उसका छिलका भी उतरा हुआ था ऐसा लग रहा था जैसे उसका रस निकाल लिया गया है मैंने सफाई करते टाइम उसे फेंक दिया था और फिर सफाई में बिजी हो गई 

फिर शाम के टाइम चाची मुझसे कहने लगी चलो मार्केट चलते हैं कुछ सामान लाना है कभी-कभी ऐसा हो जाता था कि चाची मुझे अपने साथ मार्केट ले जाती थी इसलिए मैंने अपना दुपट्टा लिया और मैं उनके साथ चल पड़ी लेकिन मुझे क्या पता था कि चाची मुझे कहां लेकर जा रही है चाची ने रिक्शा किया और हम रिक्शा में बैठकर चल पड़े लेकिन उस वक्त मैं हैरान रह गई थी जब रिक्शा वाले ने मार्केट को क्रॉस कर दिया मैंने चाची से पूछा कि हम लोग कहां जा रहे हैं बाजार तो पीछे निकल गया 

वह कहने लगी कि दूसरा सामान खरीदना है इसलिए दूसरे मार्केट जा रहे हैं उनका बिहेवियर मुझे पहले से कुछ बेहतर लग रहा था और काफी देर के बाद हम एक अजीब से बाजार में पहुंच गए यहां भीड़भाड़ तो थी लेकिन लोग काफी अजीबोगरीब मालूम हो रहे थे हम रिक्शा से उतरे तो चाची मुझे किसी दुकान के बजाय बाजार के पीछे बने हुए एक घर में ले गई

 

 

एक बड़ी उम्र की औरत ने दरवाजा खोला और चाची को देखकर मुस्कुराने लगी चाची कहने लगी इसे अपने पास रखो मैं माल के सही दाम लगवा कर आती हूं मैंने चाची को परेशानी से देखा कि वोह मुझे अपने साथ ले जाने के बजाय यहां पर क्यों छोड़कर जा रही हैं 

चाची ने मेरा चेहरा देखा तो वह कहने लगी कि परेशान मत हो यह भी तुम्हारी चाची ही है तुम यहां बेफिक्र होकर बैठो बस कुछ देर में मैं वापस आती हूं फिर चाची मुझे छोड़कर वहां से पलट गई उस औरत ने मुझे अंदर ले लिया और घर का दरवाजा बंद कर दिया और फिर जैसे-जैसे वो मुझे अपने साथ लेकर अंदर जाने लगी मेरी आंखें फटी की फटी रह गई क्योंकि उस दरवाजे के पीछे तो एक अलग ही जगह बनी हुई थी जिसमें बहुत सारे छोटे-छोटे कमरे बने हुए थे और एक अजीब सी भूकी महक आ रही थी

 कुछ कदम चलने के बाद ही मुझे आईडिया हो गया था कि मैं किसी नॉर्मल जगह पर नहीं हूं यह जगह अलग ही जगह थी दरवाजों के पास छोटे-छोटे कपड़े पहनी हुई लड़कियां खड़ी हुई थी जो मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी उनके कपड़े उनके चेहरे पर भरा हुआ मेकअप मुझे एक अलग ही सच्चाई बता रहा था मैं चलते-चलते रुक गई तो एक औरत पलट कर मुझे देखने लगी लेकिन मैंने उससे कहा कि मुझे वापस जाना है 

मैं अंदर नहीं जाना चाहती मेरी बात सुनकर वह औरत जोर से हंसी और कहने लगी कि इस दरवाजे के अंदर आने का रास्ता तो है लेकिन बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं है तुम्हारी चाची तुमसे जान छुड़ाकर यहां से जा चुकी है अब ना ही वह कभी लौटकर वापस आएंगी और ना ही तू कभी यहां से लौटकर बाहर जा सकेगी यह मेरी दुनिया है यहां पर मेरा राज चलता है तू भी एक औरत है इसलिए तुझे भी यहां पर रहकर मेरा कहना मानना पड़ेगा उनकी बात सुनकर मेरे पैरों तले से जमीन निकल गई थी

 उसने मेरा हाथ पकड़ लिया था मैंने अपना हाथ उसके हाथ से कस के छुड़ाया और मैंने कहा कि मैं यहां पर किसी कीमत पर नहीं रहूंगी और मेरी चाची कुछ देर में आती ही होंगी मैं बाहर जाने के लिए जैसे ही पलटी तो उसने पीछे से मेरी कमीज पकड़ ली और कमीज जोर से खींची जिससे मेरी कमीज फट गई फिर मेरे मुंह पर एक जोरदार तमाचा दे मारा और मैं जमीन पर गिर गई मेरे मुंह से खून निकलने लगा वो औरत मेरे पास बैठकर कहने लगी कि तेरी चाची तुझे यहां पर बेच कर गई है 

अब तू मेरी खरीदी हुई गुलाम है मैंने तेरी महंगी कीमत दी है उस औरत को चल अब जा और जाकर तैयार हो रात को कस्टमर आएंगे और तुझे भी यहां लाइन में खड़ा होना होगा फिर उसने एक औरत को आवाज देकर बुलाया और मुझे उसके हवाले कर दिया मैं उस समय हक्का बक्का थी मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं और क्या नहीं मेरी चाची मेरी मां की तरह थी पिछले 4 साल से मैं अपनी चाची के साथ रह रही थी वह मेरे ऊपर इतना अत्याचार कैसे कर सकती है 

मैं चाहकर भी उस औरत पर यकीन नहीं कर पा रही थी ऐसा लग रहा था यह एक भयानक सपना है कि कुछ देर बाद मेरी आंख खुलेगी और सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन यह मेरी बदकिस्मती थी कि यह कोई सपना नहीं था बल्कि जिंदगी की एक कड़वी हकीकत थी वह दूसरी औरत मुझे एक अंधेरे से कमरे में ले गई उसने खुशबूदार पानी बना आया और उसमें मुझे स्नान करवाया मेरे चीखने चिल्लाने का रोने धोने का उस औरत पर कोई असर नहीं हो रहा था वो कहने लगी तुझ जैसी लड़कियां यहां रोज आती हैं

एक दो दिन रोती हैं उसके बाद खुद ही खुशी-खुशी बिस्तर पर चली जाती हैं उन्हें पता चल जाता है कि अब यही मेरी जिंदगी है इसलिए तुम भी अब खुशी-खुशी य जिंदगी स्वीकार कर लो जो भी है जैसी भी है यही तुम्हारी जिंदगी है इसलिए खुशी-खुशी इस काम को आसानी से कर लो वरना सायरा बानो यही काम तुमसे जबरदस्ती करवाएगी और तुझे तकलीफ भी ज्यादा होगी उनकी बातें सुनकर मेरे वजूद में करण दौड़ गया था मैं 17 साल की थी और वह मुझे इस धंधे में उतारना चाहती थी 

वह मुझे कमरे की तरफ खींचते हुए ले गई जहां से मुझे चीखने चिल्लाने की आवाज आ रही थी वह कहने लगी देखो यह लड़की सायरा बानो की बात नहीं मान रही थी इसलिए उसे यहां पर बंद करके रखा गया है इस बेचारी को ना खाने को कुछ दिया जा रहा है और ना ही पीने को अगर तुमने भी मेरी बात नहीं मानी तो तुम्हें भी ना खाने को कुछ दिया जाएगा और ना ही पीने को तो तुम्हारा भी यही हाल होगा उसकी जबरदस्ती करने पर मैंने खुशबूदार पानी से स्नान किया था और फिर उसने मुझे दुल्हन की तरह तैयार करना शुरू कर दिया

 लेकिन थोड़ी देर के बाद वो पहले वाली औरत जिसका नाम सायरा बानू था वो वापस आ गई उसने सर से पैर तक मुझे देखा और कहने लगी तू तो सच में बहुत खूबसूरत है और बड़ी कमाल की चीज है तेरे तो बड़े अच्छे दाम लगेंगे मैंने तेरी चाची को भी बहुत पैसा दिया है वही सारा पैसा मैं तेरे शरीर को बेचकर वसूल करूंगी सायरा बानो भद्दी सी हंसी हंसी तो उसके पान से सने हुए दांत दिखाई दिए यह नजारा मैंने अक्सर फिल्मों में देखा था लेकिन मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि मेरी जिंदगी में भी कभी ऐसा वक्त आ जाएगा अब तो मेरी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे 

मैंने उस औरत से पूछा कि मेरी चाची मुझे यहां पर छोड़कर क्यों गई है वह जोर से हंसी और कहने लगी यह तो तो तुझे मालूम होगा हम तो बस माल खरीदते हैं माल हम तक क्यों लाया जाता है यह हमें नहीं मालूम वह दूसरी औरत जिसका नाम बेगम जान था सायरा बानू से कहने लगी कि यह अभी छोटी है ना इसे अभी हमारे काम के बारे में कुछ पता भी नहीं है कस्टमर के हवाले करने के बजाय पहले महफिल में नाचने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए

 जब यह कुछ समझदार हो जाए तो इसे किसी अच्छे और महंगे ग्राहक के सामने पेश करना ताकि इसका सही पैसा वसूल हो सके उस और की बात सायरा बानो को समझ आ गई और वह कहने लगी कि ठीक है इसे नाचने गाने की तैयारी करवाओ इस बात का हुक्म देते हुए वह खुद कमरे से बाहर निकल गई बेगम जान मेरी तरफ देखकर कहने लगी कि कुछ दिनों के लिए मैंने तुम्हें बचा लिया है लेकिन याद रखो इस दुनिया में आज नहीं तो कल तुम्हें कस्टमर के पास जाना ही होगा क्योंकि यही तुम्हारा काम है मैं भी जब यहां आई थी तो सिर्फ 15 साल की थी 

मुझे तो यहां पर मेरी सगी मां बेच कर गई थी क्योंकि उसे तो पैसों से मतलब था उसने कभी अपनी बेटी से प्यार ही नहीं किया उसे बेटियां बोझ लगती थी इसलिए वह मुझे यहां पर बेचकर चली गई थी तब से आज तक मैं हर रोज किसी ना किसी कस्टमर के साथ होती हूं क्योंकि अब यही मेरी जिंदगी है मैंने यहां से भागने की कई बार कोशिश की लेकिन यहां से बाहर जाने का सिर्फ एक ही दरवाजा है जिस पर सायरा बानो खुद अपने नौकरों के साथ पहरा देती हैं 

इसलिए यहां से कभी फरार होने के बारे में मत सोचना वरना सायरा तुम्हारी वह हालत करेगी कि तुम सारी जिंदगी याद रखो गी बेगम जान बहुत ही अच्छी और बहुत मोहब्बत करने वाली औरत थी उसकी बोलचाल भी मुझे बहुत पसंद आई थी बाकी यहां तो कोई औरत ढंग से बात ही नहीं करती थी वह मुझे ना सिर्फ प्यार से समझा रही थी बल्कि खुद भी नाच सिखाने लगी थी जबकि मैं सारा टाइम रोती रहती थी 

मुझे अपनी इस किस्मत पर बहुत अफसोस हो रहा था कि मुझे और कोई नहीं बल्कि मेरी अपनी ही चाची यहां पर छोड़कर चली गई और फिर कुछ दिन इसी तरह से गुजर गए थे अब तो रोते-रोते मेरी आंखों का पानी भी सूख चुका था मैंने अपने दिल को समझा लिया था और सोच लिया था कि ज्यादा रोने से भी कोई फायदा नहीं है मुझे यकीन हो गया था कि अब मेरी चाची मुझे लेने के लिए कभी नहीं आएंगी ना जाने उन्होंने मुझसे किस बात का बदला लिया था अयान ने उनसे आखिर ऐसा क्या कहा था 

जो वह मुझे अगले ही दिन इस दुनिया में छोड़कर चली गई थी मैं इस सवाल का जवाब जानना चाहती थी कि मेरी चाची ने मेरे साथ यह सब कुछ क्यों किया लेकिन फिलहाल इन सवालों का जवाब देने वाला कोई नहीं था बेगम जान ने मुझे एक महीने तक इन महफिलों के रूल्स और नाचना भी सिखा दिया था और फिर मुझे भी इस महफिल का हिस्सा बनाया जाने लगा था जहां शराब के नशे में डूबे हुए आदमी हमारे सामने बैठ जाते थे

 और हमें अजीबोगरीब कपड़ों में उनके सामने अपना नाच पेश करना पड़ता था पुरानी लड़कियां तो नाचने में काफी माहिर हो गई थी वो इस काम को बड़ी आसानी से कर लिया करती थी लेकिन मेरे लिए यह काम बहुत ही मुश्किल था मैंने सारी जिंदगी अयान के सिवा किसी को देखा ही नहीं था और ना ही कभी घर की चार दीवारी से अकेले में बाहर निकली थी यहां इतने अनजान आदमियों के आगे अपना जलवा पेश करना मेरे लिए बहुत ही मुश्किल था लेकिन जहां कहीं मेरे कदम रुकते थे

 तभी सायरा बानो हाथ में पकड़ा हुआ चाकू घुमाकर मेरी कमर पर दे मारती और सभी लोग इस बात से अनजान होते दो चार दिन ही गुजरे थे कि मुझे समझ आ गया था कि अब यही मेरी दुनिया है और मुझे यहां पर सायरा बानों के इशारों पर नाचना मेरी मजबूरी है क्योंकि जिस दिन मैं सही से नहीं नाचा करती थी मेरा खाना पना बंद कर दिया जाता था और फिर मैं सारा दिन भूख प्यास में तड़पती रहती थी इसीलिए मैंने भी नाचने में बराबर से हिस्सा लेना शुरू कर दिया था और फिर इसी तरह से एक महीना और गुजर गया था कि एक अमीर आदमी कोठे पर चला आया 

और उसने आते ही सबसे पहले मेरे दाम लगाए थे वह मुझे ₹5000000 की कीमत पर एक रात के लिए खरीदना चाहता था और यह बहुत बड़ बड़ी रकम थी सायरा बानो तो खुशी-खुशी फौरन ही राजी हो गई थी उसने उस आदमी से ₹5000000 ले लिए और उसे एक छोटे से कमरे में भेज दिया और बेगम जान से कह दिया कि वह मुझे तैयार करके इस आदमी की सेवा में पेश कर दें यह सुनकर मैं फूट-फूट कर रोने लग गई थी नाचने को तो मैं अपना चुकी थी 

लेकिन अब तक मैंने किसी कस्टमर के साथ रात नहीं गुजारी थी बेगम जान मुझे अपने साथ ले गई और अपने हाथों से मुझे तैयार करते हुए कहने लगी कि तुम जितना ज्यादा शोर करोगी कस्टमर तुम्हें उतना ही परेशान करेगा इसलिए बेहतर यही होगा कि तुम खामोशी से उसके साथ वक्त गुजार कर वापस आ जाओ एक रात के लिए समझ लो कि वही तुम्हारा पति है और ऐसा करने से तुम्हारी मुश्किल आसान हो जाएगी

 बेगम जान मुझे तैयार करते हुए शीशे में मुझे दिखाते हुए कहने लगी कि कभी-कभी हमारी खूबसूरती ही हमारे लिए मुसीबत बन जाती है यह तुम्हारा खूबसूरत चेहरा और गोरा चिट्टा शरीर यह तुम्हारे लिए सिवाय मुसीबत के और कुछ नहीं है अगर तुम इतनी खूबसूरत ना होती तो कोई तुम्हारे दाम में नहीं लगाता मैं भी अपनी इस खूबसूरती से तंग आ चुकी हूं मैं 42 साल की होने वाली हूं

 लेकिन मेरा खूबसूरत चेहरा और मेरे शरीर की चमक-दमक मुझे बूढ़ा नहीं होने देती कोई ना कोई मेरे दाम लगा ही देता है और फिर मुझे खुद को उसके सामने पेश करना पड़ता है तुम भी जब तक खूबसूरत हो तब तक तुम्हें यह सब कुछ झेलना होगा बेगम जान मुझे दिमागी तौर पर तैयार कर रही थी और मेरे आंसू थे कि ने का नाम ही नहीं ले रहे थे मुझे बार-बार चाची और अयान की याद सता रही थी मुझे अब तक इस बात पर यकीन नहीं आया था कि चाची मुझे जानबूझकर यहां पर छोड़कर गई हैं 

और इस सबके लिए शायद अयान जिम्मेदार है जब मैं पूरी तरह से तैयार हो गई तो बेगम जान ने मेरी नजर उतारी और कहने लगी कि गहरी सांस भर के कमरे में दाखिल हो जाना और खुद को इस आदमी के हवाले कर देना मेरे पास भी इसके सिवा और कोई रास्ता नहीं था इसलिए मैं इस छोटे से कमरे के अर र चली गई जहां पर एक नन्ना पीला सा बल्ब जल रहा था जिसकी धीमी सी रोशनी में मुझे सब कुछ भयानक लग रहा था मैंने सोचा था कि जाते ही मैं इस आदमी के पैरों में गिर जाऊंगी

 और इससे कहूंगी कि वह मेरे साथ कोई जबरदस्ती ना करें मैं रहम की भीख मांगूंगी तो उसे मुझ पर तरस आ जाएगा वैसे भी मैं कम उम्र की थी और जिस आदमी ने मुझे खरीदा था वह कोई 35 या 40 साल की उम्र का आदमी था मेरे हिसाब से तो वह मेरे पिता जैसा ही था मगर मुझे पता नहीं था कि यहां पर आने वाले आदमी भी इतने ही पत्थर दिल के होते हैं जितनी यहां की औरतें हैं

 मैं जब कमरे में दाखिल हुई तो मुझे देखकर इस आदमी के चेहरे पर एक खतरनाक सी मुस्कुराहट आ गई थी मेरी जैसे ही इसके चेहरे पर नजर पड़ी तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे उसके माथे पर एक बड़ा सा जख्म का निशान था एक आंख बिल्कुल लाल हो रही थी और उसकी नजरें मेरे शरीर पर टिकी हुई थी मुझ पर इतना डर सवार हुआ था कि मैं वापस बाहर निकलने लगी थी तभी उसने मुझे पीछे से पकड़कर खींच लिया और कहने लगा कि तेरे इतने महंगे दाम दिए हैं फिर तू कहां भाग रही है

 उसके मुंह खोलते ही शराब की बदबू ने मेरी सांस बंद कर दी थी मैं उसके आगे रहम की भीख मांगने लगी थी लेकिन उसे मुझ पर बिल्कुल भी तरस नहीं आया था वह कहने लगा कि चल अब सीधी तरह से बिस्तर पर आा मैं अच्छी तरह से जानता हूं तुझ जैसी लड़कियों के नखरे उसने मुझे सीधे बिस्तर पर धक्का दे दिया था और फिर मेरे दिमाग में बेगम जान की बातें घूमने लगी थी उन्होंने कहा था कि बिस्तर पर जाने से पहले अपनी नाभी पर लहसुन का रस जरूर लगा लेना

 उन्होंने एक लहसुन की छोटी सी कली को छीलकर उस पर नाखून मारकर मुझे दे दिया था मैंने उसे मुट्ठी में बंद कर लिया था जिसे मैं इस्तेमाल करना भूल गई थी जिससे कि मुझे बेगम जान की याद आई मैंने जल्दी से वह लहसुन की कली अपनी नाभी पर मलने शुरू कर दी ताकि उसका रस मेरी नाभी पर लग जाए कुछ ही देर में मैंने पूरी लहसुन की कली अपनी नाभी पर मल्ली थी और फिर उसके बाद मेरे साथ वही सब कुछ हुआ हुआ था जो मेरे साथ होने वाला था किसी आदमी ने सारी रात पूरी तरह से अपने पैसे वसूल कर लिए थे

 मेरा रोना धोना किसी काम नहीं आया था वह आदमी तो बिल्कुल ही पत्थर दिल था उस पर किसी बात का कोई असर नहीं हो रहा था शायद वह शराब के नशे में चूर था या फिर उसे इस सब की आदत थी मेरे लिए एक-एक मिनट भारी पड़ रहा था ऐसा लगता था कि जैसे रात खत्म ही नहीं होगी और फिर एक वक्त ऐसा आया जब मुझ पर बेहोशी सवार होने लगी थी अब मैं पूरी बेहोश हो गई थी जब मेरी आंख खुली तो बेगम जान मेरे सामने मौजूद थी वह कस्टमर सुबह होने से पहले ही जा चुका था

 बेगम जान मुझे होश में लाने की कोशिश कर रही थी जब मुझे होश आया तो उन्होंने मुझे सीने से लगा लिया और कहने लगी बस पहली रात ही मुश्किल होती है अब तेरे लिए सब कुछ आसान हो जाएगा लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता था कि मेरे लिए कुछ भी आसान हुआ है गुजरी हुई रात बहुत ही भयानक थी मैं होश में आने के बाद भी चिल्ला रही थी बेगम जान मुझे अपने साथ अपने कमरे में ले गई और सारा दिन मैं बस उनके सीने से लगकर आंसू बहाती रही मुझे अपनी मां की बहुत याद आ रही थी

 अगर आज मेरी मां जिंदा होती तो शायद मुझे यह दिन ना देखना पड़ता पहली बार मुझे यकीन हुआ था कि मां-बाप के सिवा कोई अपना नहीं होता यह रिश्ते भी सिर्फ दिखावे के ही होते हैं मेरी चाची जिसे मैं अपनी मां की जगह देती थी उन्होंने ही मुझे इस दलदल में धकेल दिया था यहां मैं अपनी पहचान को भुला चुकी थी मेरा नाम सफिया था लेकिन यहां पर मेरा नाम गुल जान रख दिया गया था यहां सब लोग मुझे इसी नाम से पुकारते थे क्योंकि मैं खुद भी भूल चुकी थी कि मेरा नाम पहले कभी सफिया था

 सारा दिन में बेगम जान के पास रही मैंने उनसे कह दिया था कि मैं किसी कस्टमर के पास नहीं जाऊंगी लेकिन ऐसा कैसे हो सकता था कि कोठे पर रहने वाली लड़की की कीमत ना लगे दो दिन खामोशी से गुजर गए फिर तीसरे दिन एक 55 साल का कस्टमर मेरी कीमत लगाने के लिए आया था मैंने सायरा बानों से इंकार करना चाहा तो उन्होंने मुझे जोरदार थप्पड़ मार दिया कहने लगी कि यहां इंकार करने की गुंजाइश नहीं है अगर तू नहीं जाएगी तो मैं तुझे खुद कस्टमर के आगे फेंक आऊंगी 

मैं सायरा बानों के आगे मजबूर हो गई थी बेगम जान ने मुझे उस आदमी के पास जाने के लिए तैयार किया और साथ ही मेरी मुट्ठी में लहसुन भी पकड़ा दिया और कहा कि इसे अपनी नाभी पर लगाना मत भूलना मैंने खामोशी से वह लहसुन मुट्ठी में दबाया और मैं मरे मरे कदमों से उस कमरे में पहुंच गई मैंने खामोशी से इस बुड्ढे के साथ रात गुजार ली अबकी बार मैंने कोई रोना धोना नहीं किया था बेगम जान की बात सही साबित हुई थी जब मैंने शोर शराबा नहीं किया

 तो कस्टमर ने भी मुझे परेशान नहीं किया लेकिन बिस्तर पर जाने से पहले ही मैंने अपनी नाभी पर लहसुन का रस लगा लिया था इस लहसुन से आखिर क्या होता था बेगम जान ने मुझे यह क्यों लगाने के लिए दिया था इस बारे में मुझे कुछ नहीं पता था मैं अपनी जिंदगी में कमा रही थी या अपनी इज्जत गवा रही थी अब हर दिन मेरे साथ ऐसा ही होता था मुझे अभी भी अयान की याद आती थी क्या उसने मेरी गुमशुदगी पर अपनी बहन से कोई सवाल नहीं किया होगा क्या उसने मुझे कभी नहीं ढूंढा क्या वह मुझे भूल चुका होगा बस मैं हमेशा यही सोचती रहती थी वह कस्टमर चला गया था 

और मैं खामोशी से बेगम जान के कमरे में चली गई थी वह मुझे देखकर मुस्कुराई और धीरे से कहने लगी तुम कस्टमर के पास जाने से पहले अपनी नाभी पर लहसुन का रस लगा लेती हो ना बेगम जान की बात पर मैंने हमे सिर ला दिया था बेगम जान ने कहा कि तुम मेरी बेटी की उम्र की तो हो मैं तुम्हें अपनी बेटी ही समझती हूं लेकिन मैं तुम्हें इन लोगों से नहीं बचा सकती तुम्हारी पहचान बदल गई है अगर तुम यहां से भागने की भी कोशिश करोगी तो यह समाज तुम्हें जीने नहीं देगा 

क्योंकि तुम एक धंधा करने वाली औरत बन गई हो बेगम जान मुझे हमेशा यही समझाती थी कि अब कभी भी यहां से बाहर की दुनिया के बारे में मत सोचना और मैंने बेगम जान की बातों को अपने दिलो दिमाग में बसा लिया था ऐसे ही मुझे आठ महीने यहां पर रहते हुए गुजर गए अब तो मैं इस काम की आदी हो गई थी मुझे सिर्फ इतना पता होता था कि कस्टमर मेरा इंतजार कर रहा है और मैं खुद ही अपने आप को तैयार कर लिया करती थी मैं जो कभी अयान की दुल्हन बनने के सपने देखती थी 

अब हर रात ही हर नए मर्द की दुल्हन बनती थी लेकिन हर रात बेगम जान मुझे लहसुन पकड़ा नहीं भूलती थी और यह जरूर जताती थी कि बिस्तर पर जाने से पहले-पहले यह लहसुन अपनी नाभी पर जरूर लगा लेना एक दो बार मैं मैंने इसके बारे में बेगम जान से पूछा कि इस लहसुन में ऐसा क्या है जो आप हर बार मुझे यह दे देती हो तो वह कहने लगी कि सही वक्त आने पर तुम्हें खुद ही पता चल जाएगा याद रखना किसी भी कस्टमर के पास जाने से पहले लहसुन का इस्तेमाल जरूर करना

 काफी दिनों से मैं देख रही थी कि बेगम जान बीमार थी लेकिन वह अपना इलाज नहीं करा रही थी और वैसे भी हम जैसी औरतों का इलाज मुमकिन कहां है हमारा तो यहां कोई अपना ही नहीं है जो हमारी फिक्र कर सके मेरी फिक्र करने वाली यहां पर सिर्फ बेगम जान थी अगले ही दिन मेरे पास सायरा बानो आई और कहने लगी कि रात को तैयार रहना तुम्हारे पास एक कस्टमर आएगा यह कहकर सायरा बानो चली गई और मैं तैयार होने लगी क्योंकि अब मुझे इस दुनिया की आदत हो गई थी

 मैं जब पूरी तरह से तैयार हो गई तो बेगम जान ने फिर आकर मुझे लहसुन का टुकड़ा पकड़ाया मैं आज सोच में पड़ गई थी कि आखिर बेगम जान मुझे लहसुन क्यों देती है आज मैं उनसे इस सवाल को पूछकर ही रहूंगी लेकिन मुझे कस्टमर के पास जाने के लिए देर हो रही थी इसलिए मैंने सोचा कि मैं जब वापस आऊंगी तो उनसे इस सवाल का जवाब जरूर पूछूंगी कस्टमर मेरा इंतजार कर रहा था इसीलिए मैं कस्टमर के कमरे में उसके पास पहुंची

 लेकिन इससे पहले मैंने लहसुन के रस को अपनी नाभी पर लगा लिया था हालांकि मैं इतना जरूर जानती थी कि इस काम के पीछे कोई ना कोई खास बात तो जरूर है मेरे दिमाग में बार-बार लहसुन वाली बात घूम रही थी अगर मुझे कोई इस बारे में बता सकता था तो वह सिर्फ बेगम जान थी और और आज मैंने फैसला कर लिया था कि मैं आज उनसे पूछकर ही रहूंगी क्योंकि वह हर बार मुझे लहसुन के बारे में बताना नहीं भूलती थी मैं जैसे ही कमरे में पहुंची तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गई 

क्योंकि उस कमरे में मौजूद मर्द कोई और नहीं बल्कि अयान था जो नशे में चूर बिस्तर पर बैठा हुआ था और मुझे देखते ही वह एकदम उछल पड़ा और फिर मेरे पास आकर हैरानी से पूछने लगा सफिया तुम यहां पर क्या कर रही हो मैंने तुम्हें कहां-कहां तलाश नहीं किया मैंने उसे जोर से धक्का दिया और पीछे हटाकर कहा कि मैं सफिया नहीं हूं मेरा नाम गुल जान है मुझ में इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं सफिया बनकर अयान का सामना करती मेरी इज्जत लुट चुकी थी सालों से इस कोठे पर मेरी इज्जत नीलाम हो रही थी

 अयान ने आकर मेरे कंधों से पकड़कर मुझे झंझोट दिया और कहने लगा कि मैं अच्छी तरह से जानता हूं तुम मेरी सफिया ही हो तुम यहां तक कैसे पहुंची मुझे तो मेरी दीदी ने यही बताया था कि तुम किसी लड़के के साथ भाग गई हो आया की बात सुनकर मेरे होश उड़ गए और फिर मैंने उसे अपनी पूरी कहानी बताई मुझे यहां तक पहुंचाने वाला कोई और नहीं बल्कि उसकी अपनी ही बहन थी यह बात सुनकर वह मेरे कदमों में बैठकर रोने लगा

 और उसने मेरे हर सवाल का जवाब दिया उसने मुझे बताया कि जब से मेरी बहन को तुम्हारे और मेरे अफेयर के बारे में पता चला था तभी से वह तुमसे नफरत करने लगी थी इसलिए वह अनजान आदमी को अपने फायदे के लिए बुलाती थी क्योंकि जीजा जी तो ज्यादातर घर से बाहर ही रहते थे मुझे उ के इस प्लान के बारे में पता चल गया था तभी तो मैं तुम्हें दूसरे शहर ले जाने की बातें करता था 

लेकिन जब उस दिन हम लोग बातें कर रहे थे तो वह बातें मेरी बहन ने सुन ली थी और वह आदमी दीदी से मिलने के लिए आता था क्योंकि वह कोठे का दलाल है मैं अपनी बहन की हरकतों को अच्छी तरह से जानता था जब जीजा जी घर पर नहीं होते तो वह गैर मर्दों के साथ संबंध बनाती है यह बात तुम्हें पता नहीं है लेकिन मैं इस बात को जानता था मैंने अपनी बहन को कई बार समझाने की कोशिश कीले लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं मानी वह लगातार जीजा जी को धोखा देती रही

 और उस दिन भी मुझे उस आदमी को घर से निकलता हुआ देखकर बहुत गुस्सा आ गया था और इसी बात पर मेरा मेरी बहन से झगड़ा हुआ था फिर उसके अगले ही दिन मेरी बहन ने मुझे बताया कि तुम किसी लड़के के साथ भाग गई हो मुझे उनकी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था लेकिन उन्होंने रो धोकर मुझे इस बात पर यकीन दिलवा दिया लेकिन फिर भी मैंने तुम्हें कई जगह तलाश करने की कोशिश की तुम मुझे कहीं पर भी नहीं मिली उन्होंने जीजा जी को भी यही बताया कि आपकी भतीजी भाग गई है

 और फिर मुझे भी यही लगने लगा कि तुमने मुझे धोखा दिया मैं तुमसे तुम्हारी चाची की तरफ से माफी मांगता हूं तुम्हारी चाची बहुत बीमार है और बिस्तर पर पड़ी हुई है उसे उसके किए की सजा मिल चुकी है और यह सब कुछ उनके साथ इसलिए हुआ है क्योंकि उन्होंने एक बिन मां-बाप की बच्ची को सताया अपनी गलती छुपाने के लिए उन्होंने तुम्हें इस कोठे पर छोड़ दिया अयान रोते हुए मुझसे माफी मांगने लगा था कि उसने मुझे ज्यादा ढूंढने की कोशिश भी नहीं की

 अयान मुझे अपने साथ ले जाने की जिद करने लगा लेकिन मैंने उसे साफ इंकार कर दिया तो वह खामोशी से वहां से चला गया उसने मुझसे जिद इसलिए नहीं की क्योंकि वह जान चुका था कि अब मैं एक वैश्य हूं और इस हाल में वह मुझे कभी एक्सेप्ट नहीं करेगा और ना ही उसे यह समाज मुझे एक्सेप्ट करने देगा अयान की हालत मेरी बेवफाई में ऐसी हो गई थी उसने अपने आप को शराबी बना लिया था और वह कोठे पर भी आने लगा था वह अपनी रात पूरी किए बिना ही वहां से शर्मिंदा होकर चला गया था

 और मैं बेगम जान के कमरे में आ गई थी लेकिन जैसे ही मैं बेगम जान के कमरे में आई तो यह देखकर हैरान रह गई कि बेगम जान बेहोश जमीन पर पड़ी हुई थी मैंने उनको छूकर देखा तो उनका शरीर ठंडा पड़ा था शायद वो इस दुनिया से जा चुकी थी यह देखकर मेरे पैरों तले से जमीन निकल गई और मेरी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे मैं बेगम जान को ही अपना सब कुछ मानती थी और आज वह मुझे इस दुनिया से छोड़कर जा चुकी थी लेकिन उनकी मुट्ठी में एक चिट्ठी थी

 जिस पर उनकी पूरी कहानी लिखी हुई थी कि वह किस तरह से इस कोठे पर आई थी और उन्होंने किस तरह से अपनी जिंदगी गुजारी थी और साथ ही साथ चिट्ठी पर यह भी लिखा हुआ था कि इस लहसुन के रस को नाभी पर लगाने से क्या होता है दरअसल इस लहसुन के रस को नाभी पर लगाने से औरत कभी भी प्रेग्नेंट नहीं होती और वह तरह-तरह की बीमारियों से भी दूर रहती है बेगम जान को यह सब कुछ बताने वाला कोई नहीं था इसलिए वह इतनी ज्यादा बीमार हो गई थी 

लेकिन जब उन्हें इस बारे में पता चला तो उन्होंने यह नुस्खा मुझ पर आजमाना शुरू कर दिया उन्हें मेरी सेहत की बहुत फिक्र थी इसलिए वह हर बार मुझे लहसुन पकड़ा नहीं भूलती थी पर अफसोस की बात यह थी कि बेगम जान इस दुनिया से जा चुकी थी और अब कोई भी मुझे यह लहसुन पकड़ा वाला नहीं था और मैं अब यहीं इस कोठे पर अपनी बची कुची जिंदगी गुजार रही हूं लेकिन आज भी मुझे बेगम जान की याद आती है जिसे मेरी इतनी फिक्र थी लहसुन का रस अपनी नाभी पर लगाने से मुझे आज तक कोई बीमारी नहीं हुई है और ना ही मैं किसी कस्टमर से प्रेग्नेंट हुई हूं 

 

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