Hindi Story Moral | Parivarik Hindi Story | Sad And Emotional Hindi story | Mastram Story

Hindi Story Moral : आज मेरी शादी की पहली रात थी मैं बहुत खुश था क्योंकि मेरी शादी एक बहुत ही सुंदर लड़की से करवाई जा रही थी यह शादी भी मेरे लिए एक अचानक से होने वाले सरप्राइज से कम नहीं था मुझे नहीं पता था कि मैं कुछ दिनों बाद ही अपने कमरे के सामने खड़ा होऊंगा और मेरी सुहाग रात होगी फिर भी मैं बहुत खुश था जब अंदर जाने लगा तो जाने से पहले अंदर से अजीब और गरीब किस्म की आवाज आने लगी जैसे मेरी पत्नी किसी तकलीफ में है जैसे उसको बहुत दर्द हो रहा है 

 

मैं परेशान हो गया मैंने कहा कि क्या दिक्कत है इससे पहले मैं आगे बढ़ता यही सोच रहा था कि अपनी पत्नी की मदद करूंगा वह मेरी पत्नी थी उसके सारे दुख सारी परेशानियां मेरी थी लेकिन उससे पहले कि मैं आगे बढ़ता एक औरत बाहर आई और उसने कहा आकाश बेटा जल्दी जल्दी गर्म पानी का इंतजाम करो और किसी लेडी डॉक्टर को बुला लो मैं यह सुनकर और देख कर हैरान रह गया कि यह तो मेरी मौसी थी जो पहले से ही अंदर थी और अब कह रही थी कि किसी लेडी डॉक्टर को बुला लो

 

 और गर्म पानी का इंतजाम करो मैंने कहा कि पर हुआ क्या तो वह मुझे कहने लगी कि अभी बताने का समय नहीं है जल्दी करो नहीं तो तुम्हारी पत्नी की जान को खतरा हो सकता है मैंने एक नजर देखा तो हैरान रह गया मेरी पत्नी तो बिस्तर पर पड़ी थी और उसे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था एक पल को मुझे समझ आने लगा कि क्या हो रहा है पर ऐसा कैसे हो सकता था अगर ऐसा ही था तो फिर मेरी मां ने मेरी शादी ही क्यों करवाई थी मैंने सोच लिया कि मुझे क्या करना है लेकिन मेरी मां मेरे सामने आकर हाथ जोड़कर खड़ी हो गई

 

 और फिर उसने हाथ जोड़कर ऐसी बात कही कि मेरे पैरों के नीचे से धरती निकल गई और मैंने उसके बाद अपनी पत्नी का मेरा नाम आकाश है हम लोग गांव में रहते थे और मैं शहर में काम करता था लेकिन मैं कभी-कभी मजाक मजाक में अपनी मां को कहता कि अब मेरी शादी करवा दो मेरा शादी करने का बहुत दिल कर रहा है मेरी मां कहती थी कि यह क्या बात हुई कि शादी करने का दिल कर रहा है बेशर्म तुझे शर्म नहीं आती है मैं बड़ा भाई था मुझसे एक छोटी बहन थी उसकी शादी हो चुकी थी और एक मुझसे छोटा भाई था लेकिन अभी उसकी शादी की उम्र नहीं थी

 

 इसलिए मैं चाहता था कि मेरी बारी है और बातों-बातों में अपनी मां को इशारा करता था क्योंकि हमारे परिवार में कभी भी किसी ने भी परिवार से बाहर शादी नहीं की थी और मुझे किसी ने अपनी बेटी ऐसे बिना वजह नहीं देनी थी यह काम तो मेरे माता-पिता का ही था मेरे बाबू जी इस दुनिया में नहीं थे इसलिए सभी जिम्मेदारियां मुझ पर पड़ी थी मैंने कहा कि मेरी शादी करवा दो तो एक दिन मेरी मां ने मुझे कह दिया कि अभी तेरी शादी नहीं करा सकते अभी हमारे ऊपर कर्ज है

 

 व उतर जाए तो फिर तेरी शादी के बारे में सोचेंगे मुझे बुरा तो बहुत लगा इसका मतलब यही था कि मुझे यही कह देते कि अभी तू पैसे कमाने की मशीन बने रहो अभी हम तेरी शादी नहीं करवाना चाहते अभी तो हम बैठकर तेरी कमाइयां खाएंगे इन्होंने तो मुझे पता नहीं क्या समझ लिया था लेकिन फिर मैं ना करता तो कौन करता उधर छोटी बहन के ससुराल वालों की भी रोज नहीं फरमाइश होती थी वह भी पूरी करनी होती थी भाई की पढ़ाई भी चल रही थी मेरा भाई भी बहुत मासूम था

 

 मुझे पता था कि अगर मैंने यह सब छोड़ दिया तो वह तो कुछ नहीं कर पाएगा उसकी तो उम्र ही कम थी तो फिर किस तरह से सारी चीजें चलेंगी बाबूजी भी तो इस दुनिया में नहीं थे इसीलिए अपने मुंह पर चुप्पी का ताला लगा लिया लेकिन यह जरूर सोचा कि दो-चार साल तक घर नहीं आऊंगा इन लोगों को जरा मेरी कमी महसूस हो इनको पता चले कि मैं घर पर नहीं रहता तो कैसा लगता है इतना तो मुझे इनको एहसास करवाना ही चाहिए था इसीलिए मैं तकरीबन वन साल तक वापस घर नहीं आया 

 

फिर एक दिन मेरी मां ने मुझे फोन करके कहा कि घर आजा तेरे लिए एक बहुत बड़ा उपहार रखा है मुझे पता था कि उन्होंने मेरे लिए कोई कपड़े बनाए होंगे क्योंकि मेरे कपड़े अभी भी मेरी मां ही मेरे लिए बनाती थी लेकिन मैं चंद कपड़ों के लिए वापस आने वाला नहीं था मैंने फिर भी थोड़ा भाव खाया और कहा कि ठीक है दो हफ्ते में आ जाऊंगा दो हफ्ते बाद जब आया तो घर को देखकर हैरान रह गया घर में तो किसी की शादी का माहौल था मैं समझ गया कि लगता है 

 

मेरी मां मेरे भाई की शादी कर रही है और मेरे बारे में कुछ नहीं सोच रही लेकिन जब पता चला कि मेरी शादी है तो मैं हैरान रह गया अब मुझे यह समझ नहीं आ रहा था कि मैं खुश हो जाऊं या फिर परेशान क्योंकि पता नहीं कौन थी किससे मेरी शादी करवा रहे थे मेरी मां ने कहा कि तुझे किसने बता दिया मैंने कहा कि बाहर हलवाई बैठा मिठाई बना रहा है उसने मुझे बता दिया तभी तो आजकल मेरी मां मुझसे इतने सारे पैसे मांग रही थी मेरी मां ने कहा कि और तुम्हें क्या लगता है

 

 कि मैंने इतने सारे पैसे लेकर कहां जाना था तेरी शादी है देख मैंने कहा कि अम्मा मुझे खुशी हुई कि आपने देर से ही सही लेकिन मेरी शादी के बारे में सोचा तो सही पर मेरी शादी किससे करवा रही हो यह तो बता दो ऐसे कैसे मैं किसी से शादी कर लूं हम गांव में रहते हैं शादी तुम्हारी मर्जी से ही करनी है पर मुझे तो तस्वीर भी नहीं दिखाई

 

 

 

अब घर में हलवाई आ चुका है मेहमान आ रहे हैं और अब आप मेरी शादी करवा रही हो मेरी मां ने कहा कि तू लड़की की तस्वीर देखेगा ना तो तू बहुत खुश हो जाएगा अभी के लिए मैं तुझे उसका नाम बता देती हूं उसका नाम है सरस्वती मैंने कहा कि नाम सरस्वती होने से क्या होता है

 

 भला वह खुद ऐसी नहीं हुई तो मेरी मां ने कहा कि मजाक ना कर बहुत अच्छी लड़की है मैं तुझे उसकी तस्वीर दिखा दूंगी पहले तो मुंह हाथ धोकर खाना खा ले लेकिन मैं यह देखकर भी हैरान था कि ज्यादा लोगों को नहीं बुलाया था मां ने सिर्फ अपने साइड वाले लोगों को ही बुलाया था बाबूजी के साइड से किसी को भी नहीं बुलाया था

 

 

 

मैंने अपनी मां से पूछा कि उन्हें क्यों नहीं बुलाया तो मां ने कहा कि वह बहुत ज्यादा बातें करने वाले लोग हैं कहीं कोई ऊंच नीच हो जाए तो हमें कभी माफ नहीं करेंगे मैंने कहा कि कुछ नहीं होगा तो मेरी मां ने कहा कि बेटा शादी वाला घर है 

 

और तेरे बाप के घर वालों को मैं कभी खुश नहीं कर पाई मेरा बड़ा बेटा है तो तेरी जिंदगी का बहुत बड़ा दिन है मैं नहीं चाहती कि कोई ऐसी वैसी बात हो जाए उन लोगों को नहीं बुलाएंगे हम वैसे भी तेरे बाप के गुजर जाने के बाद उन्होंने हमारा कभी ख्याल नहीं रखा मैंने कहा जैसा आप कहती हो वैसा ठीक है सब कुछ आप अपनी मर्जी से कर रही हो

 

 

मुझे लड़की की तस्वीर तो दिखा दो मेरी मां ने मुझे लड़की की तस्वीर दिखाने में बहुत देरी की लेकिन रात को जब वह मेरे कमरे में आई तो मुझे लड़की की तस्वीर दिखा ही दी मेरा कमरा भी पहले से ही सजा हुआ था यहां पर लड़की के लिए काफी सारी चीजें पड़ी थी

 

 सिंगल बेड की जगह डबल बेड पड़ा था मुझे अभी तक समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा था कहां मैं शादी करने के लिए मरा जा रहा था तो किसी ने मेरी शादी नहीं करवाई और अब मुझे अचानक बुलाकर इतनी जल्दी में मेरी शादी करवाई जा रही थी लेकिन मन ही मन में मैं इस बात पर खुश था कि चाहे जल्दी में हो चाहे जैसे भी शादी तो हो रही थी जब मेरी मां ने मुझे लड़की की तस्वीर दिखा दी तो मैं बहुत हैरान रह गया वह बहुत ज्यादा सुंदर थी लंबे कद की थी दुबली पतली थी

 

 और मेरी उम्र की ही लग रही थी उसकी तस्वीर को देखते हुए तो मैं कहीं खो गया मेरी मां ने मेरे हाथ से वह तस्वीर ले ली और मेरे कान में कहा कि यह तस्वीर है तस्वीर कल को वह तेरे पास आ जाएगी फिर उसको बैठकर देखता रहना मैं भी शर्मिंदा सा हो गया मैंने कहा कि इतनी सुंदर लड़की आपको कहां से मिल गई इतनी सुंदर तो आपका बेटा भी नहीं है मेरी मां ने कहा कि मेरा बेटा तो बहुत अच्छा है मेरा बेटा तो हीरा है वैसे एक बात थी कि मेरी मां मुझसे कोई इतना ज्यादा लाड प्यार नहीं करती थी कि मेरा बेटा हीरा है

 

 मेरा चांद बेटा है लेकिन आज कर रही थी अभी तक इस घर में जो कुछ भी हो रहा था वह सब कुछ ही ऐसा था कि जिसके बारे में मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन हो सकता है लेकिन अब हो रहा था सुबह मेरी शादी थी मेरी मां ने मेरे लिए कपड़े भी रख दिए और मुझे कहा कि समय से तैयार हो जाना शादी मंदिर में होनी थी हम लोग भी सज धज के मंदिर पहुंच गए मेरी पत्नी ने फिलहाल घुंघट किया हुआ था उसके तरफ के घर वालों में मेरे ससुर जी भी थे और सासू मां भी थी

 

 और एक साली भी थी हमारी शादी हो गई और अब हम लोग वापस घर की तरफ आ रहे थे मेरी पत्नी को मेरे कमरे में भेज दिया गया था और कुछ छोटी-मोटी रस्में होने लगी उसके बाद मेरी मां ने कहा कि बेटा यह सभी जो लोग हैं खाने पीने वाले कुर्सियों वाले जरा इनको विदा कर दे मैं ऐसे कामों में उलझा कि मुझे पता ही नहीं चला कि कब तीन-चार घंटे गुजर गए

 

 

और रात हो गई मेहमानों में से भी कुछ मेहमान वापस चले गए सिर्फ मेरी मौसी ही रह गई थी और अब घर में काफी सुकून था मेरी मां ने मुझे कहा कि बेटा तू अपने कमरे में चला जाना सरस्वती तेरा इंतजार कर रही होगी

 

 लेकिन मुझे तुझसे एक बड़ी जरूरी बात करनी है पहले मेरे कमरे में आकर मेरी बात सुन लेना मैंने कह दिया था कि ठीक है पर मैं अपनी मां के पास जाना भूल गया और सीधा अपने कमरे की तरफ ही चल पड़ा अभी अपने कमरे से थोड़ा दूर था कि ऐसी आवाज सुनी कि हैरान रह गया ऐसा लगता था कि मेरी पत्नी बहुत तकलीफ में है वह बुरी तरह से चिल्ला रही थी मैं डर गया मैंने कहा क्या हो गया उसके साथ क्योंकि अब उसकी तकलीफ मेरी तकलीफ थी लेकिन जैसे ही अंदर जाने लगा तो मौसी बाहर निकली और कहने लगी कि जाकर किसी लेडी डॉक्टर को बुला ला

 

 मेरी मां भी अंदर ही थी मैंने कहा हो क्या रहा है तो उन्होंने मुझे अंदर आने से मना कर दिया और कहा कि पहले तू जाकर डॉक्टर को बुलाला और यह शेरवानी बदल कर जाना मैं भी हैरान रह गया और एक पल को कहीं खो गया तो मेरी मौ ने कहा कि खड़ा क्यों है जा जल्दी जा मैं भी फौरन शेरवानी बदल के भागा और डॉक्टर को बुलाकर ले आया डॉक्टर भी मुझे देखकर हैरान हुई लेकिन इतनी ज्यादा भी नहीं उसने कहा कि मुझे नहीं पता था कि सब कुछ इतनी जल्दी हो जाएगा 

 

मैंने कहा कि आपको भी पता है कि क्या हो रहा है तो मुझे बता दें उसने कहा कि बाद में बता दूंगी अब लेडी डॉक्टर भी कमरे में चली गई और अंदर से आवाज आने लगी मेरी मां भी मुझे अंदर नहीं जाने दे रही थी मेरी मौसी भी डॉक्टर भी जैसे अंदर जाकर खो गई थी कभी अंदर पानी जाता था कभी अंदर तौलिया कभी कपड़े कभी कुछ तो कभी कुछ लेकिन मुझे कोई अंदर जाने नहीं दे रहा था मैं बड़ा परेशान हो रहा था और हैरान भी कि अंदर हो क्या रहा था आज तो हमारी सुहाग रात थी किसके साथ इस तरह हुआ होगा कि उसकी सुहाग रात है 

 

और पत्नी की तबीयत खराब हो गई और फिर तबीयत खराब होती है तो ज्यादा से ज्यादा लड़कियों के सर में दर्द हो जाता है क्योंकि वह पूरा दिन शादी में एक ही जगह पर बैठी रहती है थक जाती है या किसी की टांगों में दर्द हो जाता है यहां पर तो मेरी पत्नी दर्द से चिल्ला रही थी यह जो कुछ भी हो रहा था वह मुझे भी समझ आ रहा था लेकिन मैं किसी और के मुंह से यह सब सुनना चाहता था कि यह सब कुछ सच में हो रहा था थोड़ी देर के बाद किसी छोटे से बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी 

 

तो मेरे कदमों के नीचे से तो धरती निकल ही गई थी मैं अपने भाई के कमरे में चला गया जो सो रहा था और अब मेरे चेहरे पर गुस्से के अलावा और कुछ भी नहीं था थोड़ी देर के बाद मेरी मान मेरे पास थी और मुझे अपने कमरे में ले गई मैंने कहा कि यह सब क्या है तो मेरी मां ने मेरे सामने हाथ जोड़े और कहने लगी कि तेरी पत्नी की यहां बच्चा पैदा हुआ है मैंने कहा कि बच्चा किसका बच्चा आपने मेरी शादी ऐसी लड़की से करवाई जो मां बनने वाली थी और मेरी सुहाग रात पर उसने बच्चा पैदा कर दिया 

 

आपको जरा सा भी ख्याल है है मां के आप यह क्या बोल रही हैं और मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकती है मैंने क्या बिगाड़ा था आप लोगों का मैं तो वहां पर मजदूर बनकर आप लोगों के लिए मेहनत करता था मेरी तो आंखों में आंसू आ गए यह तो वही बात हुई कि मुझे एक सुंदर सपना दिखाकर और फिर यह बताया गया कि ऐसा तो कोई सपना ही नहीं है मुझे जिस लड़की की तस्वीर दिखाई थी वह शक्ल से ही बहुत सुंदर और सुशील लग रही थी यह थी मेरी सुशील पत्नी जो शादी की रात ही बच्चा जनने बैठ गई थी

 

 किसका बच्चा था और कौन था इसका बाप और मेरी मां उसे तो इस औरत को सबसे पहले घर से निकालना चाहिए था बल्कि मेरी शादी उससे नहीं करवानी चाहिए थी और वह तो उसकी मदद कर रही थी एसएसटी बच्चा इस दुनिया में आ गया था पता चला कि एक बेटी थी लेकिन मुझे इस बात से क्या फर्क पड़ता था मैं अपनी मन्न तों को मानकर ही बैठा था मेरी पत्नी मुझसे बार-बार बात करने के लिए आती थी उधार भी जाती थी इधर भी आ रही थी मौसी भी साथ मिली हुई थी

 

 इसलिए ज्यादा रिश्तेदारों को बुलाया नहीं गया था मतलब इन लोगों ने मेरे खिलाफ योजना बनाया था मैं तो इस घर का बेटा था फिर मेरे साथ यह सब कुछ क्यों किया मैंने किसी का क्या बिगाड़ा था मुझे अपनी मन्न तों को मानकर ही बैठा था मेरी पत्नी ने आकर बताया कि बेटी हुई है तो मैंने कहा कि हां जैसी उसकी मन है वह भी ऐसी ही बनेगी इस औरत को कहो कि अपनी बच्ची उठाए और अपना सामान भी उठाया और निकल जाए इस घर से पर मैं इसको और इसके पाप को बार-बार पालने वाला नहीं

 

 अगर यह बात एक दो महीने पुरानी होती तो शायद मैं यह मान लेता कि आपको भी पता नहीं था लेकिन आप ौ महीने की गर्भवती औरत से मेरी शादी करवाती हैं और आपको एक पल को भी पता नहीं चलता मैंने तो सब कुछ आप पर छोड़ा हुआ था मेरी पत्नी ने कहा कि मैंने तुझे भी तो जन्म दिया है तेरे लिए बहुत मुसीबतें उठाई हैं तुझे अपने बाबूजी का पता है ना वह घर के कामों में कभी मेरी मदद नहीं करते थे मैं तुम लोगों को कैसे पाला पशा किया मैं खुद जानती हूं तू बहुत छोटा था मेरे पहले बेटे था

 

 मैं तुमसे अपनी मेहनत का हिसाब मांगती हूं आज तुम्हें अपनी मन के लिए बहुत बड़ा कदम उठाना होगा तुम्हें इस लड़की को स्वीकार करना होगा मैंने कहा कि मां आपको क्या हो गया है लड़की को फारिग करवाइए मुझ में क्या कमी है क्या मेरी पहले शादी हो चुकी है क्या मैं चार बच्चों का बाप हूं मुझे कोई और लड़की मिल जाएगी अच्छा कमाता खाता हूं मेरी मान ने कहा मैं तुझे पूरी बात नहीं बता सकती हूं लड़की को घर से ना निकालना मैं तेरे आगे हाथ जोड़ती हूं तुझे इसे लड़की को कबूल कर ले 

 

और सब लोगों को यही बता दे कि यह तेरा बच्चा है कह दे कि पहले से ही उससे प्रेम करता था और यह सब कुछ तूने किया है यह एक और बात मेरी मान ने ऐसा कर दिया था कि जिसको मैं अभी तक सही से समझ भी नहीं पा रहा था मैंने कहा कि क्यों मुझे इतने बड़े ज्वल मेरी मान ने कहा बस तुझसे कोई कुछ भी पूछता है तूने ज्यादा बात नहीं करनी तूने कहना है कि तू ही सरस्वती की बेटी का बाप है बाकी सब मैं संभाल लूंगी तुझे तेरी मान की कसम है तूने यह किसी और के लिए नहीं अपनी मान के लिए करना है 

 

क्या तुम अपनी मान के लिए इतना नहीं कर सकता मैंने कहा अभी तक सब कुछ तेरे लिए ही तो किया है लेकिन यह बहुत ज्यादा हो गया मां मेरे लिए यह सब बहुत मुश्किल था फिर भी मैंने हां में सर हिला दिया और मैं अपने भाई के कमरे में ही सो गया पर सारी रात नींद नहीं आई दो चार दिन गुजर गए मौसी भी चली गई मेरी मान और सरस्वती मिलकर ही उसे बच्ची की देखभाल कर रही थी मैंने तो उसे देखा नहीं था ना उठाया लेकिन वैसी ही थी जैसे छोटे बच्चे होते हैं एक दिन में अपने कमरे में चला गया 

 

क्योंकि मेरा कुछ सामान वहां पड़ा था तो मुझसे सरस्वती ने पहली दफा बात की और कहने लगी आपके लिए चाय बना दूं मैंने कहा था नहीं इसकी कोई जरूरत नहीं है उसने कहा आप पति हैं मेरे मैं आपका काम नहीं करूंगी तो कौन करेगा मेरे दिल में सोचा कि तुम्हें यह बात तब याद नहीं थी कि मैं तुम्हारा पति हूं कि तुम किसी की पत्नी बनोगी

 

 

जब तुम यह सब कुछ कर रही थी पर मेरी मान ने कहा था कि उसे कोई बात ना करना वह बहुत दुख में है पता नहीं उसे किस बात का दहक था लेकिन वह भी पूरा दिन अपने कमरे में ही बैठी रहती थी और रोती रहती थी मेरी मां उसे कमरे में ही खाना पानी सब कुछ देती थी 

 

और उसकी बेटी का भी ख्याल रखती थी जहां तक मैं अपनी मान को जानता था मेरी मान अच्छी औरत थी कोई ऐसी जालिम औरत नहीं थी लेकिन इतना बड़ा काम था मेरी मान यह सब कुछ क्यों कर रही थी उसके पीछे कोई ना कोई वजह जरूर थी क्योंकि चाहे वह दुनिया की सबसे अच्छी औरत क्यों ना हो कोई देवी ही क्यों ना हो लेकिन अपनी बहू के लिए कभी भी इतनी अच्छी नहीं हो सकती वह भी ऐसी बहू जो पीछे से इतना बड़ा गुनाह करके ई है और शादी की रात किसी और का बच्चा पैदा करके हाथों में पकड़ा दिया है और जिस तरह मेरी मां उसे लड़की को प्यार करती थी 

 

ऐसा लगता था कि उनके दिल में राती बराबर भी नफरत या जहर नहीं है लेकिन यह बात ना कबीले हजम थी मेरी मां ने मुझे कहा था कि यह बात किसी को कानों कान भी पता नहीं चलनी चाहिए लेकिन मैं कैसे इस बात को अपने दिल में छुपा के रखता मैंने अपनी एक भरोसेमंद दोस्त को यह सब कुछ बता दिया वह भी सुनकर हैरान रह गया

 

 

उसने कहा कि एक लड़की को मैं जानता हूं मैंने कहा कि बताओ मुझे यह लड़की कैसी है तो वह कहने लगा कि लड़की तुझे बहुत अच्छी है पढ़ी लिखी है घर से ज्यादा बाहर नहीं निकलती है इसका बाप उसका भाई बड़े साथ हैं घर से बाहर निकलने नहीं देते 

 

इसकी दो तीन बेचने और भी हैं यह शायद सबसे बड़ी है हमें नहीं पता कि देखने में कैसी है लेकिन सुना है कि बहुत अच्छी लड़की है अगर तू मुझे सिर्फ इतना बताता कि तेरी शादी इस लड़की से हो रही है तो मैं तुझे आंखें बंद करके कह सकता था कि किसी से बहुत अच्छी लड़की मिली है लेकिन यह बात तो मुझे भी हजम नहीं हो रही कि इस लड़की के साथ ऐसा क्या हुआ कि यह इस हद तक जा पहुंची

 

 और तेरी मां को क्या है कि वह भी इसका साथ दे रही है देख तुझे सब कुछ तेरी मां ही बता सकती है मैंने कहा कि मुझे यह नहीं जानना कि क्या हुआ कैसे हो मुझे तो यह जानना है कि इसके साथ यह सब कुछ किया किसने किया है क्योंकि जिसने यह सब कुछ किया है मेरी मां उसका साथ दे रही है इस लड़की के साथ यह समझ क्या करेगा तू तो अच्छी तरह जानता है

 

 

जो लड़की शादी की रात ही बच्चा जनने बैठ जाए फिर वह अच्छी लड़की तो नहीं होती यह तो सबको ही पता है इसके साथ तो बहुत बुरा होगा इसको बचाने वाली मेरी मां है और मेरी मां सिर्फ उसको ही नहीं बचा रही है 

 

उसकी संतान को भी बचा रही है और उसकी संतान के बाप को भी क्योंकि जब मैं पूछता था कि मुझे बता दो कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है तो वह चुप हो जाती थी क्यों मेरे सर पर किसी और का पाप डाल रही है मेरा क्या कसूर है मेरे दोस्त को भी बहुत अजीब लग रहा था उसने कहा कि मैं तेरी मां को जानता हूं पता नहीं उनको क्या हो गया है आंटी जी ऐसी लगती तो नहीं थी उनको तो उसे लड़की को पहले ही दिन घर से निकाल देना चाहिए थी तेरी शादी इससे नहीं करवानी चाहिए थी

 

 लेकिन अब बात कुछ इस तरह की है कि अगर तू उनसे पूछेगा तो वह बार-बार झूठ बोलेगी और तुझे बात का पता नहीं चलेगा तू एक काम कर तू उस लड़की को भरोसे मिले उसे किसी तरह अस्पताल ले जा और वहां जा आ कर इस बच्ची का डीएनए टेस्ट करा ले तो पता चल जाएगा कि इसका बाप कौन है मैंने कहा कि लेकिन डीएनए टेस्ट सिर्फ लड़की का करने से क्या होगा दूसरे आदमी का भी तो टेस्ट करवाना होगा ना उसने कहा कि हां यह बात भी है आसपास के सारे लोगों को किसी तरह बहाने से ले जा कुछ तो कर तुझे कुछ करना पड़ेगा यह काम तो बहुत ज्यादा मुश्किल था 

 

दो महीने तक उसके यहां संतान होने वाली नहीं थी दो महीने से लेकिन टू महीने पहले ही उसने बच्चा जन्म दिया शायद इसीलिए सब कुछ इस तरह से हुआ था लेकिन वह सात महीने की गर्भवती तो थी ना मेरी मां को तो इस बारे में पता होना चाहिए था मेरी मां ने खुद भी तो बच्चे पैदा किए थे इसका मतलब कि मेरी मां उसके साथ मिली हुई थी मेरी पत्नी ऐसे रोती रहती थी जैसे उसके साथ कोई बहुत बड़ा जुल्म हुआ है जबकि जुल्म मेरे साथ हुआ था मैंने अपनी मां से कहा मुझसे यह सब कुछ नहीं हो रहा

 

 मेरी मां ने कहा तू सब कुछ संभालने की कोशिश कर तू अपनी पत्नी के साथ रह वह तेरी पत्नी है उसके साथ थोड़ा समय बिता उसकी तबीयत ठीक हो जाएगी तो अपनी जिंदगी का पहला दिन एक दूसरे के साथ गुजारो सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन मेरा दिल ही नहीं मानता था मेरी मां कहती थी कि अगर हमने बच्चे को नहीं अपनाया तो बहुत बड़ी कयामत आ जाएगी

 

 

पता नहीं कौन सी आपत्ति और कयामत की बात कर रही थी मेरे लिए तो पहले ही मुझ पर मेरी कयामत आ चुकी थी मेरी मां ने मुझे फिर से अपनी बातों में लगा लिया और कहा कि अपने कमरे में सोया कर पर जब से मैं उसके कमरे में सो रहा था

 

 मैंने एक अजीब बात देखी थी कि वह रात को नींद में बोलती थी और ऐसा लगता है कि किसी से डर रही है अजीब सी बातें करती थी कहती थी नहीं नहीं दूर रहो मुझसे नहीं नहीं दूर रहो इस तरह की बातें करती थी मेरा दिल करता था कि मैं उसको जगा दूं शायद वह भी बुरा सपना देख रही थी लेकिन फिर मैं भी नहीं जगाता था थोड़ी देर के बाद उसकी आंख खुल जाती थी तो मैं सोने का नाटक करता था और वह फिर एक एक घंटे तक रोती रहती थी ऐसी भी क्या बात थी मुझे लगा कि मुझे उससे पूछना चाहिए

 

 लेकिन जब मैंने उससे पूछा तो उसने सब कुछ मेरी मां पर डाल दिया और कहा कि आप अपनी मां से पूछ ले मैं आपको कुछ नहीं बता सकती इन दोनों औरतों ने पकड़कर मेरी जिंदगी को नरक बना दिया था अब मैं क्या करता किस तरफ जाता किससे बात करता फिर वही बात अपने दोस्त की बात पर ही सोचने का इरादा कर लिया और एक दिन अपनी पत्नी को बातों में लगाकर अस्पताल ले गया मैंने कहा कि बच्चे को पोलियो के कतरे पहनाने वाले आए हुए हैं चलो इसको ले चलते हैं वह मेरी बात मान गई रास्ते में भी सब लोग देख रहे थे कि यह देखो इसकी अभी शादी हुई है

 

 और इसने बच्चा उठा रखा है सब लोग यह समझते थे कि मैंने शादी से पहले ही किसी औरत के साथ यह सब कुछ किया था और फिर उससे शादी कर ली थी कुछ लोग कह देते कि चलो कोई बात नहीं अपनी गलती को स्वीकार तो किया है और मैं बीच में मुफ्त में फंस गया था मैंने तो कोई गलती की ही नहीं थी तो फिर स्वीकार करने की बात कहां से आ गई खैर मैंने बच्ची के बारे में डॉक्टर को बताया और कहा कि आप उससे सैंपल लेने उसने ऐसे ही किया

 

 और फिर किसी तरह अपने दोस्त की बात पर आमल करते हुए इधर-उधर से सबके सैंपल जमा किया अपना सैंपल भी दिया और अब मुझे रिपोर्ट का इंतजार था मैंने अपनी पत्नी की भी पूरी खोज करवाई ताकि पता चल सके कि यह बच्चा किस वक्त हुआ था और वह कहां थी यह सारी बातें वह मुझे कुछ भी तो बता सकती थी लेकिन उसने अपनी जुबान कीलो का ताला लगा रखा था वह कुछ नहीं बोल रही थी डॉक्टर ने कहा था कि दो दिन लगेंगे पर फिर पता चल जाएगा इस सारे मसले के बीच में मैं अपने भाई को समय देना तो भूल ही गया था वह मेरा छोटा भाई था

 

 मैंने सोचा कि शायद उसे कुछ पता होगा लेकिन जब उससे पूछा तो उसने भी यही कहा कि मुझे कुछ नहीं पता है मैंने कहा कि जब मैं यहां पर नहीं था तो मां कहां जाती थी उसने कहा कि हां रोज ही कहीं चली जाती थी शायद भाभी के घर जाती थी लेकिन मुझे बताती नहीं थी मैं पूछता था कि क्यों तो कहती थी कि नहीं मैं जहां भी जाऊं

 

 

तूने मेरे साथ नहीं आना मैं भी उसे समय यही सोचता था कि आखिर मां जाती कहां थी लेकिन उसने मुझे कभी बताया नहीं और फिर एक दिन कह दिया कि तेरे भाई के लिए लड़की पसंद कर ली है मेरा मासूम भाई बेचारा मुझे किस तरह से यह बातें बता रहा था

 

 पता चल रहा था कि उसे भी कुछ नहीं पता मैं तो उसे इस घर का मर्द बनाकर गया था लेकिन उसकी मर्द बनने वाली उम्र ही कहां थी अभी तो वह दसवीं कक्षा में था जितनी मासूमियत सब कुछ बता रहा था मुझे अपनी मां पर ही गुस्सा आ रहा था क्योंकि उसी ने कोई खिचड़ी पकाई थी और मेरे भाई को भी बीच में से निकाल दिया था उसको तो कुछ पता ही नहीं था डॉक्टर ने टू दिन बाद मुझे बुला लिया रिपोर्ट मेरे हाथ में थी लेकिन मुझसे पहले ही मैं जज्बाती हो गया

 

 क्योंकि जब घर आया तो मेरी मां एक दू पार के रिश्तेदार से झूठ बोल रही थी कह रही थी कि हां हां यह तो मेरे बड़े बेटे की बीवी है और यह उसकी बेटी है उनके सम्मुख मैंने कुछ नहीं कहा लेकिन उनके बाद मैंने चला चलाकर कहना शुरू कर दिया कि ना तो यह मेरी पत्नी है और ना ही यह मेरी बेटी मैं दोनों को ही स्वीकार नहीं करता और आज दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा मेरे हाथ में रिपोर्ट थी मैंने अपनी मां को सरस्वती की तरफ ऐसे देखा कि जैसे उनका प्लान नाकाम हो गया वह दोन परेशान हो गई

 

 इससे पहले कि मैं रिपोर्ट खोल कर देखता म उे मां ने मेरे हाथ से वह रिपोर्ट ले ली और उसे जलते हुए चूल्हे में फेंक दिया मैं हैरान रह गया मेरी मां ने कहा कि मैं तुझे सब सच बता देती हूं इस तरह घर में ही तो सब पर शक ना कर यह बड़ी बुरी बात है मैंने कहा अच्छा मेरी जिंदगी बर्बाद हो रही है और आप चाहते हो कि मैं किसी से कोई बात भी ना करूं पता लगाने की कोशिश भी नहीं करूं तब मेरी मां ने मुझे ऐसी बात बताई कि मैं हैरान रह गया वह मुझे अपने कमरे में ले गई

 

 और उसने मुझे पूरी कहानी सुनाई उसके बाद जब मैं बाहर निकला तो सबसे पहले मैंने उसे छोटी सी बच्ची को अपनी गोद में उठाया जिसका नाम नेहा रख दिया गया था और मेरी आंखों में आंसू थे साथ ही मैंने सरस्वती को गले से लगाया और कहती सब कुछ ठीक हो जाएगा मुझे माफ कर दो वह भी रोने लगी और उसने कहा कि मैंने तुम्हें माफ किया है और वह मेरे साथ उसे दिन के बाद से बहुत खुश रहती है मैं नेहा को इतना प्रेम करता हूं कि भूल जाता हूं

 

 कि वह मेरी अपनी बेटी नहीं है क्योंकि ऐसा भी नहीं है कि वह बिल्कुल भी मेरी अपनी बेटी नहीं है वह मेरी ही बेटी है हां बात कुछ इस तरह है कि मेरा भाई राकेश जिसे हम सब लोग बहुत मासूम समझते थे उसकी संगत बुरी थी और वह बुरे लोगों के साथ उतरता बैठता था उसके दोस्तों ने सरस्वती को कहीं देखा और जब उसने उन लोगों के साथ जाने से इंकार किया और उनके मुंह पर दे मारा तो उन्होंने एक प्लान बना लिया और सबने मिलकर सरस्वती के साथ बहुत बुरा किया इतना बुरा किया कि वह अपनी जान देना चाहती थी 

 

लेकिन उसे बचा लिया गया और एक डेढ़ महीने के बाद उसे पता चला कि वह पेड़ से वह फरियाद लेकर मेरी मां के पास आई और उसने कहा कि अब मैं केस करूंगी और वह लोग जो आपके बेटे के दोस्त थे वह सब तो अमीर हैं शायद बच जाए लेकिन आपके बेटे को सजा जरूर दिलवा हंगी मेरी मां ने जब यह सब सुना तो राकेश को बहुत मारा और उससे पूछा था उसने भी कबूल किया कि ऐसी ही बात है लेकिन राकेश की तो भी पढ़ाई चल रही थी और सरस्वती उसके साथ शादी नहीं करना चाहती थी

 

 उसके अंदर तो बिल्कुल भी अकल नहीं थी हां बुरा काम करने की समझती उसको लेकिन वह एक लड़की को सहारा नहीं दे सकता था इसलिए मेरी मां ने सारी जिम्मेदारी लेते हुए यह कहा कि मैं तुझे घर परिवार दिलवा उंगीयर्ड नहीं कहलाएगा शादी की रात को मेरी मां ने मुझे कहा था कि अपनी बीवी के कमरे में जाने से पहले मेरे कमरे में आ जाना शायद वह मुझे उसी दिन यह सब कुछ बताना चाहती थी लेकिन सरस्वती की तबीयत अचानक ही खराब हो गई थी 

 

और सब कुछ उसे तरह से नहीं होगा जिस तरह सोचा गया था क्योंकि रिपोर्ट मेरा भाई ही उसे बच्चे का बाप था एक औरत को पता होता है कि उसके बच्चे का बाप कौन है सरस्वती को भी पता था इसी लय वह ई थी उसे दिन के बाद से मैंने एक सख्त निर्णय लिया मैंने अपने भाई को दूसरे शहर भेज दिया जहां पर वह हम सबसे दूर रहकर सिर्फ पढ़ाई करें और उसे अपने लिए वहां पर पैसे भी कमाने पड़े उसे जरा जिंदगी का पता चलता तो शायद उसकी अक्ल ठिकाने आ जाती 

 

लेकिन उसके बाद हमने इस घर में कभी भी इन सारी बातों का जिक्र नहीं किया आज नेहा दो साल की हो गई है सरस्वती फिर से मां बनने वाली है मुझे लगता है कि इस्तफा फिर से एक प्यारी सी बेटी पैदा होने होने वाली है और फिर नेहा को भी एक प्यारी सी बहन मिल जाएगी राकेश के साथ क्या करना है अभी मैंने सोचा नहीं है पर मैं उसे इस घर में कभी भी आने नहीं दूंगा क्योंकि मैं नहीं चाहता कि वह इस घर में मेरी बीवी के साथ रहे अभी तो उसे बोर्डिंग स्कूल में भेजा है

 

 उसके बाद उसे कहीं और भेज दूंगा लेकिन वह कभी भी मेरी आंखों के सामने मेरी पत्नी के सामने नहीं रहेगा आप लोग बताएं कि अगर मैं अपने भाई की भी ऐसा फैसला कर रहा हूं तो यह ठीक है या नहीं पर एक बात बड़ी अजीब है कि मैंने सरस्वती के बारे में जब सुना तो अचानक से मेरे दिल में उसके लिए प्रेम बैठ गया और अब मुझे पता चला कि वह बेचारी खुद कितने दहक में थी तभी तो वह रातों को उठ उठकर रोती थी इसमें उसका क्या कसूर था वह तो बहुत अच्छी लड़की थी 

 

उसने तो कभी किसी के साथ कुछ बुरा नहीं किया तो फिर उसके साथ बुरा होता हुआ मैं कैसे देख सकता था और वैसे अब तो वह मेरी पत्नी बन ही चुकी थी तो मैंने उसे पूरे सच्चे मन से कबूल कर लिया और मेरी जिंदगी बहुत अच्छी जा रही है मेरी मां कोई उल्टा फैसला भी कर सकती थी यह भी कह सकती थी कि यह बच्चा मेरे बेटे का नहीं है निकल जा यहां से पर मेरी मां ने भी इंसाफ किया और इस दिन से मेरी मां के लिए मेरे दिल में इज्जत बहुत ज्यादा बढ़ गई है

 

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